देहरादून: प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोपों के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर पुलिस ने घटना में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर समेत चार लोगों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों में हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली, लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा शामिल हैं। पुलिस ने चारों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
दो मुकदमे पहले ही हो चुके दर्ज
गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पहला मुकदमा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ और कुछ अज्ञात लोगों पर मारपीट, बलवा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज के आरोप लगाए गए हैं।
दूसरा मुकदमा विधायक के गनर कांस्टेबल सुशील रमोला की तहरीर पर निदेशालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 21 फरवरी को रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत ननूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में विधायक अपने समर्थकों के साथ एक विद्यालय का नाम भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखने के संबंध में पहुंचे थे।
इसी दौरान वार्ता के बीच विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने निदेशक कार्यालय में कुर्सियां और अन्य सामान फेंककर तोड़फोड़ की। घटना में मौजूद कुछ लोगों को चोटें भी आईं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लोकसेवक के कार्य में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, चाहे वह कोई भी हो।







