देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने सोमवार को जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और अनुभागों का बारीकी से जायजा लिया तथा मरीजों और तीमारदारों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
ब्लड बैंक का काम 15 दिन में पूरा करने के निर्देश
डीएम ने अस्पताल में निर्माणाधीन ब्लड बैंक का निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था को 15 दिन के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही सेंट्रल पैथोलॉजी का समय 11 बजे से बढ़ाकर 12 बजे तक करने को कहा, ताकि मरीजों को अधिक सुविधा मिल सके।
पीपीपी मोड पर संचालित चंदन लैब के निरीक्षण के दौरान डीएम ने पिछले तीन माह में दिन और रात में लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट तलब की। अनुबंध के अनुसार 24 घंटे सेवाएं न देने पर लैब का आधा भुगतान रोकने के निर्देश दिए गए।
रेफर की शिकायत पर संयुक्त रिपोर्ट तलब
गायनी डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने की शिकायत पर डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य और सीएमओ को संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
निरीक्षण के दौरान किचन, गायनी ओटी, वेयरहाउस और ओपीडी मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई। डीएम ने इमरजेंसी और सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर सफाई और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई और खाने की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाल वार्ड में मोबाइल पर जताई चिंता
बाल चिकित्सा वार्ड के निरीक्षण के दौरान एक बच्चा मोबाइल फोन पर खेलता मिला। इस पर डीएम सविन बंसल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को मोबाइल देने के बजाय ड्राइंग कलर और किताबें उपलब्ध कराएं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को वार्ड में लाइब्रेरी से बच्चों के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
डीएम के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।







