राजधानी देहरादून की आबोहवा ने एक बार फिर राहत की सांस ली है। लंबे समय से वायु प्रदूषण की मार झेल रहे दूनवासियों के लिए बीते 72 घंटे किसी वरदान से कम नहीं रहे। लगातार हुई बारिश और उसके बाद निकली धूप ने न केवल मौसम को खुशनुमा बना दिया, बल्कि हवा को भी इतना साफ कर दिया कि दूर-दूर तक पहाड़ियां साफ नजर आने लगीं।
प्रदूषण से राहत, AQI में ऐतिहासिक गिरावट
कुछ दिन पहले तक देहरादून का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 350 के बीच पहुंच चुका था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालात इतने बिगड़ गए थे कि दून की तुलना दिल्ली जैसे प्रदूषित शहर से की जाने लगी थी।
लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी। शनिवार को देहरादून का AQI घटकर महज 6 दर्ज किया गया, जो ‘बेहतरीन’ श्रेणी में आता है। पिछले पांच वर्षों में यह पहला मौका है जब AQI इतना नीचे पहुंचा है।
बारिश बनी सबसे बड़ा कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में हुई बारिश ने हवा में मौजूद धूल कणों और प्रदूषक तत्वों को जमीन पर बैठा दिया। इससे पार्टिकुलेट मैटर PM2.5 और PM10 के स्तर में भारी कमी आई।
तेज धूप और साफ आसमान ने इस सुधार को और मजबूती दी, जिससे वातावरण पूरी तरह साफ हो गया और लोगों को ताजी हवा का अहसास हुआ।
विशेषज्ञों ने बताया सकारात्मक संकेत
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पराग मधुकर के अनुसार, वायु गुणवत्ता में यह सुधार प्रदेश के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। उनका कहना है कि यदि मौसम इसी तरह सहयोग करता रहा, तो आने वाले दिनों में भी हवा साफ बनी रह सकती है।
हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह सुधार स्थायी नहीं है। जैसे ही मौसम शुष्क होगा, धूल और प्रदूषक तत्व फिर से हवा में घुल सकते हैं, जिससे AQI दोबारा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसका असर देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता पर भी सकारात्मक पड़ सकता है।
दूनवासियों को मिली बड़ी राहत
साफ हवा और ठंडे मौसम के चलते लोगों ने भी राहत महसूस की है। सुबह-शाम पार्कों और सड़कों पर टहलने वालों की संख्या बढ़ गई है। लोग इस स्वच्छ वातावरण का खुलकर आनंद ले रहे हैं।
आगे के लिए चेतावनी भी
देहरादून में वायु गुणवत्ता में आया यह सुधार जहां एक ओर राहत लेकर आया है, वहीं यह एक चेतावनी भी है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के स्थायी उपाय नहीं किए गए, तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
फिलहाल, दून की ताजी हवा ने शहरवासियों के चेहरों पर मुस्कान जरूर लौटा दी है और देहरादून एक बार फिर ‘क्लीन एयर सिटी’ की अपनी पहचान की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।







