उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में सामने आए फर्जी NCERT किताबों के बड़े मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी नफीस खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नफीस इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना बताया जा रहा है, जो कई राज्यों में नकली किताबों का नेटवर्क चला रहा था।
दरअसल, बीती 17 मार्च को इस मामले का खुलासा हुआ था, जब NCERT नई दिल्ली में तैनात सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने कोतवाली रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। हालांकि, इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड नफीस खान लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मेरठ का रहने वाला नफीस चला रहा था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि नफीस खान उर्फ राजू, जो मेरठ का निवासी है, इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर कई राज्यों में फैले एक संगठित गिरोह को संचालित कर रहा था। गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था, जिसमें अलग-अलग राज्यों में गोदाम किराए पर लेकर नकली NCERT किताबों का भंडारण किया जाता था।
ऐसे चलता था नकली किताबों का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र से बरामद नकली किताबों को रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम में रखा जाता था। इसके बाद किताबों के कवर छपवाने के लिए सामग्री मथुरा की प्रिंटिंग प्रेस भेजी जाती थी। तैयार नकली किताबों को राजस्थान के भरतपुर स्थित गोदामों में भेजकर वहां से देशभर में सप्लाई किया जाता था।
गिरोह परिवहन के लिए अलग-अलग वाहन मालिकों से संपर्क करता था और गोदामों का किराया भी खुद वहन करता था, जिससे पूरा नेटवर्क सुचारू रूप से चलता रहे।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है लंबा
पुलिस के मुताबिक, नफीस खान का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2020 में मेरठ के परतापुर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कॉपीराइट अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2023 में बरेली के भोजीपुरा थाने में भी वह इसी तरह के अपराध में जेल जा चुका है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी को 3 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि नकली किताबों का यह नेटवर्क छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहा था।







