देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुए रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं।
पुलिस चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक, शुक्रवार देर रात राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गुनियाल गांव के पास दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो एक आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया। घायल आरोपी के पास से एक पिस्टल, दो खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
दोनों आरोपी पहले से थे वांछित
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शांतनु त्यागी (21 वर्ष, सहारनपुर) और काविश हुसैन त्यागी (22 वर्ष, मुजफ्फरनगर) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी इस हत्याकांड में वांछित थे। पुलिस ने उनके खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने के आरोप में भी नया मुकदमा दर्ज किया है।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले भी पुलिस कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है और उनके कब्जे से हथियार बरामद किए गए थे।
ऐसे हुई थी घटना
गौरतलब है कि 30 मार्च की सुबह जोहड़ी गांव में दो पक्षों के बीच फायरिंग हो गई थी। यह विवाद 29 मार्च की रात कुठालगेट स्थित GEN-Z बार में बिल को लेकर शुरू हुआ था, जो अगले दिन हिंसक झड़प में बदल गया।
दोनों पक्षों के बीच चल रही फायरिंग के दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इलाके में था भारी आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था और पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लगातार सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया।
पुलिस जांच जारी
एसएसपी और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह मामला देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर चुका है, वहीं पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में बड़ी प्रगति माना जा रहा है।







