पर्यटन सीजन के चरम पर मसूरी में रविवार को यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आई। प्रशासन के दावों के बावजूद शहर में भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रात करीब 9 बजे मसूरी-देहरादून मार्ग पर लाइब्रेरी बस स्टैंड के नीचे सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण लंबा जाम लग गया। इस दौरान रोडवेज बस समेत कई वाहन घंटों तक फंसे रहे। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से हालात बेहद खराब हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन एक तरफ सड़क किनारे पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की बात करता है, लेकिन दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुलेआम वाहन खड़े किए जा रहे हैं और उन पर कोई सख्ती नहीं दिख रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई गाड़ियां बाहरी राज्यों, खासकर हरियाणा नंबर की थीं, जिन्हें घंटों सड़क किनारे खड़ा रहने दिया गया।
लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर कथित मिलीभगत के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई तो पर्यटन सीजन में हालात और बिगड़ सकते हैं।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार लग रहे जाम का सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। घंटों जाम में फंसने से पर्यटक परेशान हो रहे हैं, जिससे शहर की छवि भी खराब हो रही है। लोगों ने मांग की है कि प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
इस पूरे मामले पर मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। देर रात लाइब्रेरी क्षेत्र में खड़ी गाड़ियों के ऑनलाइन चालान किए गए। साथ ही एक चालक के खिलाफ नशे में गाड़ी खड़ी करने पर ड्रंक एंड ड्राइव के तहत कार्रवाई कर वाहन को सीज किया गया है।
वहीं दूसरी ओर नैनीताल में भी पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। यहां यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) की तैनाती की गई है।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि नैनीताल में दो प्लाटून और भवाली क्षेत्र में एक प्लाटून तैनात की गई है, ताकि वीकेंड पर बढ़ने वाली पर्यटकों की भीड़ और जाम की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
कुल मिलाकर, पर्यटन सीजन में उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशनों पर ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर प्रभावी और स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।







