हल्द्वानी: नगर पंचायत लालकुआं में विकास कार्यों और खर्चों में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है. जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी एपी बाजपेयी ने लालकुआं नगर पंचायत पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों से विभिन्न मामलों में जानकारी ली और संबंधित अभिलेखों का निरीक्षण किया. साथ ही आम जनता से भी तथ्य और साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की गई है.
नगर पंचायत में डस्टबिन खरीद, शौचालय पुनर्निर्माण, छठ पूजा स्थल निर्माण और शीतलहर के दौरान अलाव के लिए लकड़ी की असामान्य खपत को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. शिकायतों में वित्तीय अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए थे. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद अब औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी गई है.
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की और विभिन्न कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की. उन्होंने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके पास डस्टबिन खरीद, शौचालय पुनर्निर्माण, छठ पूजा स्थल निर्माण या अलाव के लिए लकड़ी खर्च से जुड़े कोई तथ्य, दस्तावेज या साक्ष्य हों तो वे 16 मई तक कार्यालय अवधि में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय हल्द्वानी पहुंचकर प्रस्तुत कर सकते हैं.
कथित अनियमितताओं में सबसे बड़ा मामला डस्टबिन खरीद का बताया जा रहा है. आरोप है कि करीब 3 लाख रुपए की खरीद बिना विधिवत निविदा प्रक्रिया अपनाए की गई. इसके अलावा नगर पंचायत क्षेत्र में करीब पांच साल पहले बने शौचालयों को ध्वस्त कर दोबारा निर्माण कराने पर भी सवाल उठाए गए हैं. छठ पूजा स्थल के पुनर्निर्माण की आवश्यकता और उसके औचित्य को लेकर भी शिकायतें दर्ज की गई हैं.
वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अलाव के लिए लकड़ी की असामान्य खपत और उससे जुड़े भुगतान की पारदर्शिता को लेकर भी प्रशासन जांच कर रहा है. प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा सभी तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.







