देहरादून: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पहले से ही रसोई गैस के बढ़े दामों से परेशान लोगों को अब ईंधन कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है. बीते 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाने के बाद सियासी घमासान भी तेज हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए बढ़ती महंगाई को लेकर मोर्चा खोल दिया है.
कांग्रेस वरिष्ठ नेता अमरेंद्र सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में “महंगाई का डबल इंजन” चल रहा है. उन्होंने कहा कि हाल ही में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी और अब लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. उनका आरोप है कि भाजपा सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है.
उन्होंने कहा कि आम आदमी की जेब पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार राहत देने के बजाय हाथ खड़े करती नजर आ रही है. अमरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही देश में आर्थिक संकट की आशंका जता चुके थे और अब हालात उसी दिशा में जाते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बढ़ती महंगाई के खिलाफ व्यापक रणनीति पर काम कर रही है और आने वाले दिनों में जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष तेज किया जाएगा.
वहीं दूसरी ओर भाजपा ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के लिए वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद केंद्र सरकार देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है और सरकार ईंधन आपूर्ति को लेकर पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होंगे और आपूर्ति व्यवस्था सुधरेगी, वैसे ही ईंधन की कीमतों में भी राहत देखने को मिलेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास है कि देश में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े. भाजपा का दावा है कि मौजूदा हालात अस्थायी हैं और आने वाले समय में कीमतों पर नियंत्रण हो जाएगा.
इधर लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम जनता में भी नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत पर असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की जरूरतों और बाजार कीमतों पर भी पड़ने लगा है. वहीं गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को पहले ही प्रभावित कर रखा है. ऐसे में अब ईंधन की नई कीमतों ने लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है.







