चंपावत/रामनगर: उत्तराखंड में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच रविवार को कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। चंपावत जिले में भारी बारिश के चलते प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम यात्रा मार्ग पर स्थित बाटना गाड़ बरसाती नाला उफान पर आ गया, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। वहीं रामनगर में तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी।
बाटना गाड़ में फंसे श्रद्धालुओं का पुलिस ने किया रेस्क्यू
चंपावत जिले की पूर्णागिरि तहसील क्षेत्र में रविवार को हुई तेज बारिश के कारण बाटना गाड़ बरसाती नाला अचानक उफान पर आ गया। नाले में पानी का बहाव बढ़ने से मां पूर्णागिरि धाम जाने और लौटने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो गई। यात्रा मार्ग अवरुद्ध होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए।
स्थिति की सूचना मिलते ही टनकपुर कोतवाली की बूम चौकी और ठुलीगाड़ चौकी पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। बूम चौकी इंचार्ज एसआई संदीप पिलख्वाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे तक चले अभियान में पुलिस कर्मियों ने जोखिम उठाते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से उफनते बरसाती नाले के पार कराया और उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस और प्रशासन ने यात्रा मार्ग को भी दोबारा सुचारू करने का कार्य किया।
हर साल परेशानी का कारण बनता है बाटना गाड़
गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून और बरसात के दौरान बाटना गाड़ बरसाती नाला पूर्णागिरि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। भारी बारिश के दौरान नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से यात्रा मार्ग बाधित हो जाता है। चंपावत पुलिस ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रामनगर में तूफान और बारिश से मिली गर्मी से राहत
इधर नैनीताल जिले के रामनगर में रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज तूफान का असर इतना अधिक था कि कई घरों की छतों और आंगनों में सूखने के लिए डाले गए कपड़े तक उड़ गए।
बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव से लोगों को राहत मिली। मौसम सुहावना होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और सड़कों पर भी चहल-पहल कम हो गई।
किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
हालांकि मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय क्षेत्र में आम और लीची की फसल तैयार है। तेज हवाओं और बारिश के कारण फलों के झड़ने तथा बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहा तो फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सतर्क रहने की अपील
फिलहाल चंपावत और रामनगर सहित कई क्षेत्रों में मौसम का असर बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं से अनावश्यक जोखिम न उठाने, बरसाती नालों और नदी-गदेरों के पास जाने से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है।






