देहरादून: राजधानी देहरादून में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नयागांव क्षेत्र में चेकिंग और नाकेबंदी के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में राजस्थान के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। वहीं उनके तीन अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही है।
पुलिस के अनुसार तड़के नयागांव चौकी बैरियर पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान राजस्थान नंबर की एक स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के इशारे के बावजूद कार सवार बदमाशों ने वाहन नहीं रोका और बैरियर को टक्कर मारते हुए तेज रफ्तार से सेलाकुई की ओर भाग निकले। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और उनका पीछा शुरू कर दिया।
भागते हुए बदमाश चांदनी चौक से होते हुए भूरपुर क्षेत्र की ओर पहुंचे। रामगढ़ इलाके के रपटे के पास उन्होंने अपनी कार छोड़ दी और नदी की तरफ भागने लगे। इसी दौरान खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल बदमाश को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरे आरोपी को पीछा कर दबोच लिया गया। घायल आरोपी को तत्काल प्रेमनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए दून अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज दून अस्पताल में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायल आरोपी की स्थिति और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा भी की।
पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से दो देशी तमंचे, जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू मीणा (30 वर्ष) निवासी ग्राम अखरोट, तहसील मंडावर, जिला दौसा, राजस्थान तथा विनोद कुमार मीणा (32 वर्ष) निवासी झारेड़ा, तहसील हिंडौन सिटी, जिला करौली, राजस्थान के रूप में हुई है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुठभेड़ में घायल रिंकू मीणा के खिलाफ राजस्थान में हत्या सहित कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं विनोद मीणा के खिलाफ भी विभिन्न थानों में कई गंभीर अपराध दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।
पुलिस अब फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बदमाश उत्तराखंड किस उद्देश्य से आए थे और उनका आपराधिक नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजधानी में हुई इस मुठभेड़ को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल शातिर अपराधियों को पकड़ने में सफलता मिली, बल्कि किसी बड़ी वारदात की आशंका को भी टाल दिया गया।






