चमोली: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ी जिलों में हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं। चमोली जिले में बारिश शुरू होते ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिर से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। पीपलकोटी के समीप भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के कारण बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया है। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार लगातार हो रही बारिश के चलते भनेरपानी क्षेत्र में पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया, जिससे बड़ी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों को सेमलडाला मैदान में रोक दिया है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यात्रा अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की टीम और मशीनें मौके पर पहुंच गई हैं। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बारिश जारी रहने के कारण पहाड़ी से और मलबा तथा पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई है।
वहीं चमोली के साथ-साथ रुद्रप्रयाग जिले में भी लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। खराब मौसम का असर केदारनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और श्रद्धालुओं को विभिन्न सुरक्षित पड़ावों तथा होल्डिंग क्षेत्रों में ठहराया गया है।
जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील जोनों और यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति न दी जाए।
प्रशासन ने सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित होल्डिंग क्षेत्रों में भोजन, आवास, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बारिश और भूस्खलन की इन घटनाओं ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।







