देहरादून/टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। टिहरी जिले के नरेंद्र नगर नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर हुई एक घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। मतदान के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल के मतदान केंद्र के अंदर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं और मंत्री समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मतदान केंद्र के बाहर बहस और हंगामे का माहौल दिखाई दे रहा है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी नियमों से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद
नरेंद्र नगर नगर पालिका चुनाव के लिए बुधवार को मतदान प्रक्रिया जारी थी। इसी दौरान स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मतदान केंद्र पहुंचे। आरोप है कि मंत्री मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश कर गए, जिसके बाद वहां मौजूद उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
यूकेडी नेताओं का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश को लेकर निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। विरोध के बीच माहौल गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि बाद में मामला शांत हुआ और मंत्री अपने समर्थकों के साथ वहां से लौट गए।
प्रमिला रावत ने दर्ज कराया विरोध
घटना के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल की वरिष्ठ नेत्री प्रमिला रावत ने मंत्री सुबोध उनियाल के मतदान केंद्र में प्रवेश का कड़ा विरोध किया। इस दौरान दोनों के बीच बहस भी हुई।
वायरल वीडियो में मतदान केंद्र के बाहर काफी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं। बहस के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने नजर आए, जिससे कुछ देर के लिए गहमागहमी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर माहौल को शांत कराया।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भी धामी सरकार और मंत्री सुबोध उनियाल पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह मंत्री ही क्यों न हो, चुनावी नियमों और संवैधानिक व्यवस्थाओं से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान मंत्री का मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश करना निर्वाचन प्रक्रिया की मर्यादा के विपरीत है। कांग्रेस का कहना है कि स्थानीय लोगों द्वारा आपत्ति जताने के बाद मंत्री को संयम और शालीनता का परिचय देना चाहिए था।
गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि विरोध कर रही महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके मोबाइल फोन तक छीनने का प्रयास किया गया। कांग्रेस ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
निर्वाचन आयोग से जांच की मांग
कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि चुनाव के दौरान किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान प्रक्रिया सर्वोच्च होती है और किसी भी जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी द्वारा ऐसी गतिविधि नहीं की जानी चाहिए जिससे मतदाताओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस छिड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं। कुछ लोग इसे सामान्य राजनीतिक विवाद बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल इस मामले में मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी आधिकारिक जांच या कार्रवाई को लेकर कोई अंतिम जानकारी नहीं दी गई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
नरेंद्र नगर नगर पालिका चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। चुनावी माहौल के बीच सामने आए इस विवाद ने राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर हमला करने का मौका दे दिया है।
अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि मामले की जांच होती है तो आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।







