चमोली। जनपद चमोली के विकासखंड नंदानगर की ग्राम सभा बनाला में रहने वाली तीन अनाथ बहनों के जीवन में अब उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है। एक वर्ष के भीतर माता-पिता सहित परिवार के एक अन्य सदस्य को खो चुकी इन मासूम बच्चियों के सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बेहद कठिन हो चुकी थी तथा उनके सहारे के रूप में केवल पैरालाइसिस से पीड़ित बुजुर्ग दादी ही मौजूद हैं।
इन विषम परिस्थितियों में जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकारों का परिचय देते हुए परिवार की मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया है। उनके सहयोग से बच्चियों के घर में आधुनिक शौचालय, स्नानघर (बाथरूम) और रसोई (किचन) के निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह पहल उन बच्चियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे इस परिवार को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नई सुविधाओं के निर्माण से न केवल स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि बच्चियों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी पहलें समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए संबल का कार्य करती हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की वास्तविक पहचान तब सामने आती है, जब वे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की समस्याओं को समझकर उसके समाधान के लिए आगे आते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस सहयोग से न केवल इन बच्चियों का भविष्य बेहतर होगा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे परिवारों की हर संभव सहायता की जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति या परिवार अभावों के कारण कठिनाइयों का सामना न करे।
यह पहल जनप्रतिनिधियों की सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने तीन अनाथ बहनों के जीवन में उम्मीद और विश्वास की नई रोशनी जगाने का कार्य किया है।







