चमोली। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हेलंग के समीप ऋषिकेश से बदरीनाथ की ओर जा रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया और सीधे अलकनंदा नदी में समा गया। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। अलकनंदा नदी के तेज बहाव और दुर्गम परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने ट्रक तक पहुंचने और चालक की तलाश के लिए काफी प्रयास किए।
जोशीमठ कोतवाली प्रभारी देवेंद्र रावत ने बताया कि ट्रक ऋषिकेश से बदरीनाथ की ओर जा रहा था। हेलंग के समीप किसी कारणवश वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद ट्रक गहरी खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में समा गया। ट्रक में चालक अकेला सवार था और दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ा हुआ है। पहाड़ी मार्गों पर भारी वाहनों और यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते दिनों भी चारधाम यात्रा मार्गों पर कई सड़क हादसे सामने आए हैं। हाल ही में बदरीनाथ से लौट रही झारखंड के श्रद्धालुओं की बस के ब्रेक फेल हो गए थे, लेकिन चालक की सूझबूझ से बस को पहाड़ी से टकराकर बड़ा हादसा टाल दिया गया। वहीं 7 जून को टिहरी जिले में ऋषिकेश-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी के पास चारधाम यात्रियों से भरी बस के ब्रेक फेल होने के बाद वह सड़क पर पलट गई थी। बस में 39 यात्री सवार थे, जिनमें चार लोगों को मामूली चोटें आई थीं।
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान बढ़ते यातायात दबाव, कठिन पहाड़ी रास्तों और कई स्थानों पर जोखिम भरी सड़क परिस्थितियों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार यात्रियों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने, वाहनों की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील कर रहा है।
इस ताजा हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षित यात्रा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।







