रुद्रपुर। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 14 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर जिलाधिकारी नितिन सिंह ने अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि क्षम्य नहीं होती। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक और इनविजिलेटर अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा और सतर्कता के साथ निर्वहन करें।
परीक्षा केंद्रों का होगा पूर्व निरीक्षण
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं पर्यवेक्षक परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर लें और सभी व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक अथवा डिजिटल गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। उन्होंने आयोग के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त क्षमता वाले जैमर अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं और परीक्षा शुरू होने से पूर्व उनकी कार्यक्षमता की जांच भी कर ली जाए।
सीसीटीवी निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया
जिलाधिकारी ने कहा कि अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में अनिवार्य रूप से की जाएगी। इसके अलावा प्रश्नपत्रों को भी सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा और निर्धारित समय पर नियमानुसार ही खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि परीक्षा केंद्र परिसर में कोई भी व्यक्ति बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश न कर सके।
उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा अवधि के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
गर्मी को देखते हुए पेयजल की विशेष व्यवस्था
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसके साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 प्रभावी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।
55 केंद्रों पर होगी परीक्षा
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद ऊधमसिंह नगर में कुल 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 18,302 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
क्षेत्रवार अभ्यर्थियों का विवरण इस प्रकार है—
- रुद्रपुर-किच्छा क्षेत्र: 21 परीक्षा केंद्र, 7,424 अभ्यर्थी
- गदरपुर क्षेत्र: 15 परीक्षा केंद्र, 4,308 अभ्यर्थी
- बाजपुर क्षेत्र: 11 परीक्षा केंद्र, 3,516 अभ्यर्थी
- काशीपुर क्षेत्र: 8 परीक्षा केंद्र, 3,054 अभ्यर्थी
प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन और आयोग के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।







