देहरादून: उत्तराखंड में रविवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। खास बात यह रही कि पेपर लीक के कारण निरस्त हुई पिछली परीक्षा के मुकाबले इस बार करीब 3 फीसदी अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इससे साफ संकेत मिलता है कि युवाओं ने आयोग और सरकारी मशीनरी की पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जताया है।
पिछली बार से अधिक रही अभ्यर्थियों की उपस्थिति
यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित इस लिखित परीक्षा के लिए कुल 1,54,603 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 1,14,635 अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड किए, जबकि 83,254 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा में शामिल हुए।
आंकड़ों के अनुसार इस बार परीक्षा में 72.62 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि पिछली बार यह आंकड़ा करीब 69 प्रतिशत था। ऐसे में लगभग 3 प्रतिशत अधिक अभ्यर्थियों का परीक्षा में शामिल होना आयोग की विश्वसनीयता और परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
13 जिलों के 449 केंद्रों पर हुई परीक्षा
रविवार, 14 जून को परीक्षा का आयोजन एक ही पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया गया। परीक्षा प्रदेश के सभी 13 जिलों में स्थापित 449 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और आयोग की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।
गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर 2025 में आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा को पेपर लीक की वजह से निरस्त करना पड़ा था। उस दौरान प्रश्नपत्र के तीन पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था और आयोग ने परीक्षा रद्द कर दी थी।
तकनीक के जरिए रखी गई कड़ी निगरानी
इस बार परीक्षा में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल देखने को मिला। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ जैमर भी लगाए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस विशेष कैमरों की मदद से भी निगरानी की गई। आयोग के कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई थी। साथ ही आईटी क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली गईं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।
बायोमेट्रिक उपस्थिति और फ्रिस्किंग की व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई गई। वहीं पुलिस विभाग की ओर से अभ्यर्थियों की सघन फ्रिस्किंग भी की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
परीक्षा से पहले सीमावर्ती क्षेत्रों, होटल, लॉज, ढाबों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के चलते परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की सूचना सामने नहीं आई।
पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए किए गए थे पुख्ता इंतजाम
यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।
उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास था कि एक ओर परीक्षा पूरी तरह साफ-सुथरे और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे।
अब रिजल्ट का इंतजार
परीक्षा के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के बाद अब हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं के बाद इस बार जिस तरह से आयोग ने सख्ती और तकनीकी निगरानी के साथ परीक्षा कराई है, उससे अभ्यर्थियों में विश्वास बढ़ा है और उम्मीद जताई जा रही है कि भर्ती प्रक्रिया भी पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ेगी।






