रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में बिजली विभाग के एक आउटसोर्स लाइनमैन के साथ बड़ा हादसा हो गया। विद्युत लाइन पर कार्य करने के दौरान लाइनमैन हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसे जोरदार करंट लग गया। करंट लगने के बाद उसका संतुलन बिगड़ गया और वह बिजली के खंभे से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, मुकीम पुत्र यूसुफ विद्युत विभाग में आउटसोर्स लाइनमैन के रूप में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि वह भंगेड़ी क्षेत्र में एक विद्युत पोल पर चढ़कर लाइन संबंधी कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह खंभे से नीचे जमीन पर गिर पड़ा।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और सहकर्मियों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायल लाइनमैन को दुर्गा चौक स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया है।
घटना की सूचना मिलते ही घायल मुकीम के परिजन अस्पताल पहुंच गए। वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और सभी उसकी सलामती की दुआ करते नजर आए।
उधर, विभागीय स्तर पर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा तकनीकी चूक, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य वजह से हुआ। इस घटना ने विद्युत कार्यों के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिशासी अभियंता विवेक राजपूत ने बताया कि घायल कर्मचारी को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। विभाग उसके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर और चिंतित है। साथ ही हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
फिलहाल मुकीम का उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।






