रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पार कर रहे एक मासूम बच्चे को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कई घंटों तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों राज्यों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
सड़क पार करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चा सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे एक वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
घटना से नाराज लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
जाम के कारण उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन प्रभावित रहा। यात्री, व्यापारी और अन्य वाहन चालक भारी परेशानी का सामना करते रहे।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रुद्रपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल जोशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। वहीं उत्तर प्रदेश के बिलासपुर क्षेत्र की पुलिस भी मौके पर पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर यातायात बहाल कराने की कोशिश की, लेकिन गुस्साई भीड़ लंबे समय तक अपनी मांगों पर अड़ी रही। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि इस क्षेत्र में लंबे समय से तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसे होते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन से स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, सड़क सुरक्षा बैरियर और अन्य सुरक्षा उपाय लगाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लगातार लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है और हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
आश्वासन के बाद खुला जाम
कई घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के साथ वार्ता के बाद अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धीरे-धीरे प्रदर्शनकारी शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया।
हालांकि लंबे समय तक यातायात बाधित रहने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
जांच में जुटा प्रशासन
पुलिस ने स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।






