देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने और उन्हें वैध दिखाकर अवैध हथियारों के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा करते हुए इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने रुद्रपुर क्षेत्र से आरोपी सदानंद शर्मा को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खाते में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के कारोबार से करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। आरोपी पहले भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है।
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार सदानंद शर्मा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ शाहजहांपुर तथा गाजियाबाद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के कई मुकदमे दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से अवैध तरीके से शस्त्र लाइसेंस तैयार कर लोगों से मोटी रकम वसूल रहा था।
दरअसल, उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से ट्रांसफर होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता और वैधता की जांच के दौरान कई संदिग्ध मामले सामने आए थे। इसके बाद 4 जून को उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच करते हुए एसटीएफ ने अब तक 3 मुकदमे दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच के दौरान एसटीएफ ने 14 अवैध शस्त्र बरामद किए हैं, जिनमें 2 ऑटोमेटिक पंप एक्शन गन, 2 रायफल, 9 पिस्टल और 1 रिवॉल्वर शामिल हैं। इसके अलावा 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने बताया कि 23 जून को काशीपुर में दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में सदानंद शर्मा को रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने उधम सिंह नगर के सौरभ अग्रवाल और गौरव अग्रवाल के माध्यम से कई लोगों के फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने शाहजहांपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत कुछ संविदाकर्मियों की मदद से पुराने यूआईएन (UIN) नंबरों का दुरुपयोग किया और जिन रिकॉर्डों का कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं था, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड कर वैध लाइसेंस का स्वरूप दे दिया।
एसटीएफ को आरोपी के बैंक खातों की जांच में कई संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सौरभ अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल समेत कई लोगों से लाइसेंस बनवाने के नाम पर धनराशि प्राप्त की गई। अधिकारियों को ऐसे कई और लोगों की जानकारी मिली है, जिनके फर्जी शस्त्र लाइसेंस सदानंद शर्मा द्वारा तैयार कराए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के इस अवैध कारोबार से लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये जमा होने के प्रमाण मिले हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और फिर उसे आगे की कार्रवाई के लिए थाना काशीपुर भेज दिया गया है।
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में अवैध हथियार रखने और उन्हें वैध दिखाने वाले सभी लोग एसटीएफ के रडार पर हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों के पास फर्जी लाइसेंस या अवैध शस्त्र हैं, वे स्वयं आगे आकर अपने हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं। अन्यथा ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।






