देहरादून: कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों में 15 हजार रुपये का इनामी बदमाश भी शामिल है, जो भुड्डी गांव में हुए चर्चित वकील सोहेल हारून हत्याकांड में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, देशी तमंचे, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 22 जून की रात को कोतवाली पटेलनगर पुलिस को सूचना मिली कि चंद्रबनी क्षेत्र में चोटिया बाबा मंदिर के पास निर्माणाधीन हाईवे के निकट तीन संदिग्ध व्यक्ति घूम रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निर्माणाधीन हाईवे की पुलिया के नीचे बैठे तीन युवकों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान फरहान, फरमान बेग और जैद के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से एक 32 बोर पिस्टल, दो खाली मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, दो देशी तमंचे 315 बोर तथा चार जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुए।
जब पुलिस ने आरोपियों से बरामद हथियारों के संबंध में वैध लाइसेंस और दस्तावेज मांगे तो वे कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों को आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली पटेलनगर प्रभारी निरीक्षक विनोद गुसाईं ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फरहान और जैद अपने गांव लंढौरा से अवैध असलहे लेकर आए थे और इन्हें फरमान को बेचने की तैयारी कर रहे थे।
पूछताछ के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया। पुलिस के मुताबिक, 14 जून को भुड्डी गांव में हुए वकील सोहेल हारून हत्याकांड में आरोपी शाहिद हारून ने जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया था, वह भी फरहान बेग ने ही उसे उपलब्ध कराई थी। इसी मामले में फरहान लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
फरहान की गिरफ्तारी न होने पर देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल द्वारा उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार फरार चल रहे फरहान को आखिरकार पुलिस ने अपने दो साथियों के साथ दबोच लिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बरामद हथियारों के स्रोत और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जांच शुरू कर दी गई है।
भुड्डी गांव हत्याकांड से जुड़े इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध हथियारों की आपूर्ति का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।






