रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर-रानीखेत मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कुमेरिया और सौराल के बीच एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि चालक वाहन और एक पेड़ के बीच बुरी तरह फंस गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे गिरा डंपर
जानकारी के अनुसार रामनगर-रानीखेत मार्ग पर कुमेरिया और सौराल के बीच एक डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे पहाड़ी की ओर जा गिरा। नीचे गिरने के बाद डंपर एक पेड़ से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक वाहन और पेड़ के बीच बुरी तरह फंस गया।
स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी। मौके पर पहुंची टीम ने राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक चालक की मौत हो चुकी थी।
शव निकालने के लिए मंगवाना पड़ा कटर
हादसे के बाद चालक का शव डंपर के केबिन में बुरी तरह फंसा हुआ था। उसे बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को कटर मंगवाना पड़ा। वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर चालक के शव को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतक की हुई पहचान
भतरौजखान थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि पुलिस को सुबह हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
मृतक की पहचान जसवंत सिंह पुत्र गोपाल सिंह, निवासी गजार, तहसील चौखुटिया, जिला अल्मोड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
पुलिस और प्रशासन की टीम हादसे के कारणों की जांच में जुट गई है। शुरुआती तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है।
फिर उठे सड़क चौड़ीकरण के सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर रामनगर-रानीखेत मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से संकरा और जर्जर बना हुआ है। कई जगह सड़क की हालत खराब है, जिससे बड़े वाहनों को गुजरने में दिक्कत होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से सड़क चौड़ीकरण की मांग की जा रही है। कई बार सरकारों और जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्वासन भी दिए गए, लेकिन आज तक धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हो पाया।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
रामनगर-रानीखेत मार्ग पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। संकरी सड़क, तीखे मोड़ और जर्जर स्थिति के कारण यह मार्ग लगातार हादसों का गवाह बनता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की सड़क सुरक्षा और अधूरी सड़क परियोजनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।







