उत्तराखंड में पुराने वाहनों को स्क्रैप कर समान श्रेणी के नए वाहन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राज्य परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों के स्क्रैप और नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर मोटर वाहन टैक्स में भारी छूट देने की अधिसूचना जारी कर दी है. परिवहन विभाग के आयुक्त बृजेश कुमार संत द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गैर-परिवहन और परिवहन श्रेणी के पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर समान श्रेणी के नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय मोटर व्हीकल टैक्स में 50 फीसदी तक की छूट दी जाएगी.
अधिसूचना जारी होते ही यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू हो गई है. हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए वाहन स्वामी को अनिवार्य रूप से रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैपिंग केंद्र से वाहन स्क्रैप कराकर उसका प्रमाण पत्र (स्क्रैप सर्टिफिकेट) लेना होगा.
बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों के लिए पहले से चल रही थी योजना
दरअसल, उत्तराखंड परिवहन विभाग की ओर से पहले से ही बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों के लिए एक योजना संचालित की जा रही है. इसके तहत यदि बीएस-3 और बीएस-4 कमर्शियल वाहनों को स्क्रैप किया जाता है तो नए वाहन खरीदने पर 15 फीसदी टैक्स में छूट दी जाती है. वहीं बीएस-3 और बीएस-4 निजी वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन लेने पर 25 फीसदी टैक्स में छूट का प्रावधान है.
अब परिवहन विभाग ने इसी योजना के दायरे को बढ़ाते हुए बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के वाहनों को भी शामिल कर लिया है. इसके तहत यदि बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के निजी और कमर्शियल वाहन स्क्रैप कराए जाते हैं और समान श्रेणी का नया वाहन खरीदा जाता है, तो वाहन स्वामियों को टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलेगी.
बीएस-2 मध्यम और भारी वाहनों को भी मिलेगा लाभ
इसके साथ ही बीएस-2 श्रेणी के सभी मध्यम और भारी माल वाहनों तथा सभी मध्यम और भारी यात्री वाहनों को स्क्रैप कर नए वाहन खरीदने पर भी 50 फीसदी टैक्स छूट का लाभ दिया जाएगा.
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में वर्तमान समय में बीएस-1 श्रेणी के कुल 14,789 वाहन अभी भी रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 785 कमर्शियल और 14,004 निजी वाहन शामिल हैं. वहीं बीएस-2 श्रेणी में मध्यम और भारी माल वाहनों की संख्या 2,888 और मध्यम व भारी यात्री वाहनों की संख्या 494 है. इस तरह बीएस-2 श्रेणी में कुल 3,382 वाहन पंजीकृत हैं. इन सभी वाहनों को स्क्रैप कर नए वाहन लेने पर टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी.
अपर परिवहन आयुक्त ने दी जानकारी
अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना में अब बीएस-1 और बीएस-2 वाहनों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बीएस-1 श्रेणी का कोई भी वाहन या बीएस-2 श्रेणी के सभी मध्यम और भारी वाहन स्क्रैप कराए जाते हैं और समान श्रेणी का नया वाहन खरीदा जाता है, तो टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी.
अधिसूचना के अनुसार, कमर्शियल वाहनों को अगले 8 वर्षों तक टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलेगी, जबकि निजी वाहनों को अगले 15 वर्षों तक यह छूट प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले से लागू योजना के तहत बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों के स्क्रैप पर कमर्शियल वाहनों को 15 फीसदी और निजी वाहनों को 25 फीसदी टैक्स छूट मिलती रहेगी.
परिवहन विभाग का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने में मदद मिलेगी, बल्कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा.







