मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी में धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। मसूरी के बाला हींसार क्षेत्र में वाइनबर्ग एलेन स्कूल की निजी भूमि पर स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना को लेकर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 24 जनवरी की शाम कुछ असामाजिक तत्व हथौड़ा और सब्बल लेकर मजार परिसर में घुसे और मजार को नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि आरोपियों ने मजार में रखे धार्मिक ग्रंथों को भी क्षतिग्रस्त किया और धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
इस संबंध में मुस्लिम सेवा संगठन मसूरी के अध्यक्ष अकरम खान पुत्र तौकबीर अहमद ने कोतवाली मसूरी में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 04/26 के तहत धारा 196(1)(इ) एवं 298 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने हरिओम, शिवउ और श्रद्धा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है, जबकि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
मसूरी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज असवाल ने बताया कि मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मसूरी में किसी भी सूरत में माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन के नेतृत्व में मसूरी के मुस्लिम समुदाय के लोग और अन्य समुदायों के नागरिक कोतवाली पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि बाबा बुल्ले शाह की मजार वर्षों से भाईचारे और आपसी सौहार्द की प्रतीक रही है, जहां सभी समुदायों के लोग श्रद्धा के साथ आते रहे हैं।
मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसे प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी और शरारती तत्व उत्तराखंड के शांत माहौल को बिगाड़ने और हिंदू-मुस्लिम एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत एक था, एक है और एक ही रहेगा।
गौरतलब है कि बाबा बुल्ले शाह की मजार निजी भूमि पर स्थित है और वर्षों से क्षेत्र में आपसी सद्भाव का केंद्र रही है। इस तरह की घटनाएं न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि समाज की एकता और सौहार्द पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।







