देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 8 और 9 दिसंबर 2023 को आयोजित दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए एमओयू और उनके क्रियान्वयन की प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, सामने आ रही बाधाओं और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 3 लाख 57 हजार 693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू साइन किए गए थे। इनमें से अब तक 1 लाख 6 हजार 953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री धामी ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास, मजबूत कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल माहौल का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को धरातल पर उतारने की यह प्रक्रिया राज्य के विकास को नई गति दे रही है और इसमें और अधिक संभावनाएं हैं, जिनका लाभ राज्यहित में उठाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी तरह की बाधा का त्वरित समाधान किया जाए।
बैठक में सीएम धामी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो एमओयू की ग्राउंडिंग की निरंतर निगरानी करेगा। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, सरल प्रक्रियाओं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से जुड़े सुधारों की जानकारी दी जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर पेंडेंसी न रखी जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ विभागों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की।
पर्यटन क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं, जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल, वहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में प्रत्येक माह उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की जाए, ताकि उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जा सके और उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विश्वविद्यालय की स्थापना, हिंदू स्टडीज सेंटर और प्राच्य शोध केंद्र से जुड़े पूर्व निर्देशों पर आगे की कार्रवाई, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्यों और आयुर्वेद एम्स की स्थापना से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि निवेश, विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए उत्तराखंड को देश के अग्रणी औद्योगिक और आध्यात्मिक राज्यों में शामिल करने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।







