उत्तरकाशी: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत दो दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी पहुंचे, जहां उन्होंने आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन और पुनर्वास को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
धराली में प्रभावितों का जाना हाल, समस्याएं अब भी बरकरार
धराली पहुंचे हरीश रावत ने कहा कि 2012-13 की आपदा के बाद उनकी सरकार ने राहत और पुनर्वास के लिए एक सशक्त मॉडल तैयार किया था। उन्होंने वर्तमान सरकार को उस मॉडल से सीख लेने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आज भी आपदा प्रभावित ग्रामीणों की कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिनका समाधान नहीं हो पाया है।
मुआवजे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें अब तक उनके व्यवसायिक नुकसान का मुआवजा नहीं मिला है। शासन से दोबारा किसी प्रकार की राहत भी नहीं दी गई।
ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई।
हरीश रावत ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को बिंदुवार नोट किया गया है और जल्द ही इन मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण गंगोत्री हाईवे का निर्माण पुराने एलाइमेंट पर ही चाहते हैं, क्योंकि उनकी संपत्तियां अब भी मलबे में दबी हुई हैं।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पत्रकारों से बातचीत में रावत ने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। रावत ने कहा कि जिन कार्यों को यात्रा शुरू होने से 15 दिन पहले पूरा हो जाना चाहिए था, वे अब तक अधूरे हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
हर्षिल क्षेत्र को लेकर जताई चिंता
हरीश रावत ने हर्षिल क्षेत्र की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि वहां बनी झील बरसात के मौसम में बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र से चिंता और डर के साथ लौट रहे हैं।
पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
उन्होंने सरकार से मांग की कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रभावितों के लोन माफ करने और जिनकी जमीन को नुकसान हुआ है, उनके लिए विशेष योजना बनाने की बात कही।
भटवाड़ी क्षेत्र में भूधंसाव को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की।
देहरादून में आंदोलनकारियों से भी की मुलाकात
उत्तरकाशी दौरे के बाद हरीश रावत देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने सहस्त्रधारा रोड स्थित एकता विहार में आंदोलनरत संगठनों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने नर्सिंग एकता मंच, पीआरडी कर्मियों और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के समर्थन में अपनी बात रखी।
पूर्व मुख्यमंत्री का यह दौरा एक बार फिर राज्य में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास के मुद्दे को केंद्र में ले आया है, जिस पर अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।






