रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हो रहा है। वहीं, 18 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में क्षेत्र रक्षक भुकुंट भैरव की पूजा-अर्चना के साथ केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।
इस अवसर पर मंदिर को श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सहयोग से करीब आठ क्विंटल विभिन्न प्रजातियों के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक आभा से सराबोर नजर आया।
19 अप्रैल को रवाना होगी बाबा की डोली
19 अप्रैल को आर्मी बैंड की मधुर धुनों और भक्तों के जयकारों के बीच भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। यह डोली विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं को दर्शन देती हुई 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां भंडार गृह में विराजमान होगी।
इसके बाद 22 अप्रैल की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे।
यात्रा को लेकर बढ़ा उत्साह
केदारनाथ धाम तक होने वाली इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु ऊखीमठ पहुंच चुके हैं। वहीं, मंदिर समिति की एडवांस टीम धाम में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है, ताकि समय से पहले सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त
जल संस्थान द्वारा गौरीकुंड से केदारनाथ तक 18 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर व्यापारियों की आवाजाही बढ़ने से क्षेत्र में रौनक लौटने लगी है।
विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा
ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट ने बताया कि भुकुंट भैरव की पूजा विधिवत संपन्न की गई, जिसमें स्थानीय लोगों ने नए अनाज का भोग अर्पित कर यात्रा के सफल और निर्विघ्न संचालन की कामना की।
वहीं मंदिर समिति के सदस्य डीएस भुजवाण ने बताया कि केदारनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए टीम पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
चारधाम यात्रा के आगाज के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है, और श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं।







