मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी में देर रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद मंगलवार को बड़े हंगामे में बदल गया. मामूली कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें कई लोगों के चोटिल होने की सूचना है. घटना के बाद पूरी रात मसूरी कोतवाली परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी होती रही.
सुबह होते ही वाल्मीकि समाज और नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मसूरी कोतवाली पहुंच गए. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और जातिसूचक टिप्पणियां कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. आक्रोशित कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
घटना के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए कार्य बहिष्कार भी किया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई. कर्मचारियों का कहना था कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण उनमें भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात नशे में धुत कुछ युवक टैक्सी चालकों के साथ मिलकर पालिका कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं.
कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में नगर पालिका के बैरियर पर तैनात कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की घटना हुई थी, लेकिन आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई. इसी वजह से असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन और पालिका प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. पालिका अध्यक्ष ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन से बात की जा रही है.
मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.
पालिका प्रशासन ने पुलिस से तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज करने की मांग की. इस दौरान कोतवाली परिसर में काफी देर तक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही. सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली.
लोगों का कहना था कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर मसूरी के शांत वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. यदि समय रहते ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो शहर का माहौल और खराब हो सकता है.
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सभासद सचिन गुहेर ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने झूलाघर क्षेत्र में कुछ समय के लिए धरना देकर प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सभासद ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.







