देहरादून: उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था, पुलिस कार्यप्रणाली और नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस नेताओं ने राज्य में हाल के दिनों में सामने आई विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कई मामलों की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने और सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और आम जनता का पुलिस एवं प्रशासन पर भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं ने पुलिस कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
ज्ञापन में देहरादून के राजपुर रोड स्थित बार में हुई घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया गया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मामले ने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि प्रशासन की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस विभाग के भीतर समन्वय की कमी उजागर हुई है और कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता को लेकर आम जनता के बीच चर्चाएं चल रही हैं.
कांग्रेस ने कहा कि जिस प्रकार से इस मामले में घटनाक्रम सामने आए हैं, उससे प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली व्यक्तियों के हस्तक्षेप की आशंका पैदा हुई है. ऐसे में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की आवश्यकता है ताकि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा विधायक अरविंद पांडे द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और पुलिस के जरिए षड्यंत्र रचने के आरोप लगा रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
इसके अलावा कांग्रेस ने 30 अप्रैल 2026 को हुए पुलिस एनकाउंटर मामले पर भी सवाल उठाए. ज्ञापन में कहा गया कि कथित अपराधी की मौत के बाद कई परिस्थितियां इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बनाती हैं. कांग्रेस ने पूछा कि क्या मुठभेड़ के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया गया था और क्या निष्पक्ष साक्ष्य जुटाए गए थे.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले की सेवानिवृत्त न्यायाधीश या स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध और पारदर्शी जांच कराने की मांग की. साथ ही 6 मई 2026 को चंपावत में नाबालिग युवती से जुड़े मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई.
प्रतिनिधिमंडल ने पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र में कथित पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले को भी गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.
नर्सिंग अभ्यर्थियों के आंदोलन का मुद्दा भी कांग्रेस ने राज्यपाल के समक्ष प्रमुखता से रखा. कांग्रेस नेताओं ने आग्रह किया कि स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों पर राज्य सरकार को निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं, ताकि लंबे समय से आंदोलन कर रहे बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों को राहत मिल सके.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat, विधायक Lakhpat Butola समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल रहे.







