खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को नानकमत्ता दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने धार्मिक आस्था, संस्कृति और विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान सीएम ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती समारोह में शिरकत कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस, राष्ट्रभक्ति व पराक्रम को नमन किया. साथ ही उन्होंने धर्मांतरण और देवभूमि की संस्कृति से छेड़छाड़ करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी.
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इसके बाद वे महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए, जहां स्थानीय लोगों और आयोजकों ने उनका भव्य स्वागत किया.
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने महाराणा प्रताप के जीवन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण आज की पीढ़ी के लिए आदर्श है. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का अनुशासित जीवन और मातृशक्ति के प्रति सम्मान हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि थारू जनजाति सहित सभी जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए शिक्षा, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है.
इस दौरान सीएम धामी ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया. इसके बाद वे अपने अगले कार्यक्रम के लिए चंपावत रवाना हो गए.







