हरिद्वार: हरिद्वार के बीएचईएल क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक गुलदार मेन प्लांट के पास बने ओपन वाटर टैंक में गिरकर फंस गया. गुलदार को पानी में संघर्ष करते देख मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहगीरों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई. हालांकि काफी मशक्कत के बाद गुलदार खुद ही टैंक से बाहर निकलकर जंगल की ओर भाग निकला.
जानकारी के अनुसार बीएचईएल मेन प्लांट राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगलों से सटा हुआ है, जिसके चलते यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही देखी जाती है. शनिवार को एक गुलदार फैक्ट्री की दीवार पर चढ़कर परिसर में घुसने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वह दीवार के पास बने वाटर टैंक में कूद गया.
बताया जा रहा है कि यह वाटर टैंक फैक्ट्री की मशीनों को ठंडा करने के लिए बनाया गया है. टैंक के ऊपर काई जमी हुई थी, जिसे गुलदार ने संभवतः हरी घास समझ लिया और छलांग लगा दी. लेकिन नीचे गहरा पानी होने के कारण वह उसमें फंस गया. काफी देर तक गुलदार टैंक में इधर-उधर घूमता रहा और बाहर निकलने का रास्ता तलाशता रहा.
घटना की जानकारी मिलते ही वहां लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों ने पानी में तैरते गुलदार के वीडियो मोबाइल में कैद किए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि गुलदार काई से ढके टैंक में फंसा हुआ है और बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है.
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी. इसी दौरान गुलदार की नजर टैंक से गुजर रही एक बड़ी लोहे की पाइपलाइन पर पड़ी. गुलदार पाइपलाइन के सहारे ऊपर चढ़ने लगा, लेकिन दीवार तक पहुंचने में उसे काफी संघर्ष करना पड़ा. काफी देर तक वह पाइप से चिपककर संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता रहा.
मौके पर मौजूद लोगों के शोरगुल के बीच गुलदार बार-बार घबराकर पीछे हटता रहा, लेकिन आखिरकार उसने पाइपलाइन के सहारे दीवार तक पहुंचने में सफलता हासिल कर ली. दीवार पर चढ़ने के बाद भी घनी झाड़ियों के कारण उसे रास्ता नहीं मिल रहा था, लेकिन अंत में वह झाड़ियों को पार कर जंगल की ओर भाग निकला.
वन विभाग की हरिद्वार रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन गुलदार खुद ही टैंक से बाहर निकल आया. इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया.
उन्होंने बताया कि बीएचईएल क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटा हुआ है, इसलिए अक्सर वन्यजीव जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं. एहतियात के तौर पर जंगल किनारे गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.







