देहरादून: राजधानी देहरादून के कैंट थाना क्षेत्र में स्कूल परिसर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है. 13 मई को हिंदू संगठन और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर इस अनैतिक कारोबार का खुलासा किया था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य किरायेदार अभी फरार बताया जा रहा है.
पुलिस के अनुसार, जिस स्कूल परिसर में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, उसे चला रहे दंपति को पीछे बने दो कमरों में चल रहे देह व्यापार की जानकारी नहीं थी. मामले में थाना कैंट पुलिस ने मकान मालिक को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है. वहीं पुलिस फरार आरोपी कुलदीप कुमार की तलाश में जुटी हुई है.
मामला 13 मई बुधवार का है, जब भाजपा की महिला पार्षद और हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता किसान नगर स्थित एक स्कूल पहुंचे थे. यह स्कूल करीब एक साल पहले शुरू किया गया था. जिस भवन में स्कूल संचालित हो रहा था, वह तमिलनाडु के मद्रास निवासी एक व्यक्ति का बताया जा रहा है. मकान मालिक ने स्कूल संचालन के लिए भवन एक दंपति को किराए पर दिया था, जबकि उसी भवन के पीछे बने दो कमरों को कुलदीप कुमार नाम के व्यक्ति को रहने के लिए किराए पर दिया गया था.
पुलिस जांच में सामने आया कि इन्हीं दो कमरों में देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा था. हैरानी की बात यह रही कि मकान मालिक द्वारा किरायेदार का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया था. बताया जा रहा है कि रात के समय यह अवैध गतिविधियां संचालित होती थीं, जिसकी भनक आसपास के लोगों को भी नहीं लगी.
थाना कैंट प्रभारी शंकर बिष्ट ने बताया कि स्कूल चला रहे दंपति और पीछे रहने वाले किरायेदार कुलदीप कुमार के बीच ज्यादा संपर्क नहीं था. पूछताछ में स्कूल संचालकों ने बताया कि दिन के समय अक्सर पीछे के कमरे बंद रहते थे. उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान नियमित रूप से चलाया जाता है, लेकिन किन्हीं कारणों से इस मकान का सत्यापन नहीं हो पाया था. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस मकान में स्कूल चल रहा था वहां पहले भी किरायेदार रहते आए हैं और मकान मालिक अधिकतर समय तमिलनाडु में ही रहता है. लोगों ने यह भी दावा किया कि स्कूल शुरू होने से पहले इसी मकान में रहने वाले दो बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो बिना सत्यापन के रह रहे थे.
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि एक साल पहले दो बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है और इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है. यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो मकान मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि देहरादून में अधिकतर बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी पटेलनगर, नेहरू कॉलोनी और क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्रों से हुई है.







