देहरादून: राजधानी देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक नामी शू-शोरूम में कर्मचारी के साथ उत्पीड़न, आर्थिक शोषण और पहचान छिपाने के आरोपों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब शिकायत के आधार पर बजरंग दल के कार्यकर्ता शोरूम पहुंचे और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार, 17 मई (रविवार) को बजरंग दल के कार्यकर्ता शोरूम पहुंचे और सिटी मैनेजर पर हिंदू कर्मचारियों के साथ भेदभाव, उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। संगठन का दावा है कि यह मामला एक कर्मचारी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर सामने आया, जिसमें शोषण और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बजरंग दल के अनुसार, शिकायत में यह भी आरोप है कि शोरूम में कुछ हिंदू कर्मचारियों से अतिरिक्त घंटे काम करवाया जाता है, जबकि अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय पर छुट्टी दी जाती है। साथ ही छुट्टियों के दौरान वेतन कटौती और आर्थिक दबाव बनाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा एक कर्मचारी पर जूते चोरी का आरोप लगाकर उससे 5 हजार रुपये की वसूली का दावा भी सामने आया है।
मामले के दौरान कार्यकर्ताओं ने शोरूम में मौजूद कर्मचारियों की नेम प्लेट को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि कुछ कर्मचारियों की नेम प्लेट पर नाम अंकित थे जबकि कुछ के नहीं, जिसे लेकर मौके पर ही बहस की स्थिति बन गई।
बजरंग दल के अध्यक्ष विकास वर्मा ने दावा किया कि शोरूम मैनेजर ने एक हिंदू कर्मचारी पर जूते चोरी का आरोप स्वीकार किया है, हालांकि उन्होंने प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
वहीं शोरूम प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि शिकायत करने वाले कर्मचारी के खिलाफ पहले से ही आंतरिक जांच चल रही है और उसकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया भी विचाराधीन है।
उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले को लेकर अब तक कोई औपचारिक तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। डालनवाला थाना प्रभारी संतोष कुमार के अनुसार, वीडियो और जानकारी संज्ञान में है, लेकिन तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।







