पिथौरागढ़: एक ओर जहां बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और परिवार के साथ देश का नाम रोशन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में अब भी बेटा-बेटी के भेदभाव की सोच पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है। पिथौरागढ़ से सामने आया एक मामला इसी मानसिकता को उजागर करता है, जहां दूसरी बेटी के जन्म पर एक पिता ने अस्पताल में जमकर हंगामा कर दिया।
मामला पिथौरागढ़ जिला अस्पताल के महिला अस्पताल का है। जानकारी के अनुसार, दिग्तोली गांव निवासी युवक अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लेकर पहुंचा था। सोमवार को महिला ने बच्ची को जन्म दिया। जैसे ही युवक को दूसरी बेटी होने की जानकारी मिली, वह नाराज हो गया और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगा।
युवक के व्यवहार से अस्पताल स्टाफ और वहां मौजूद अन्य तीमारदार भी हैरान रह गए। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को शांत कराकर मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में युवक के नशे में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
घटना के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। जहां सरकार और सामाजिक संगठन “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों के जरिए लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी बेटी के जन्म पर पिता द्वारा हंगामा करना समाज की पुरानी सोच को दर्शाता है।
तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित हेमा थलाल ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में भेदभाव करना गलत है और समाज को ऐसी संकीर्ण सोच से बाहर निकलने की जरूरत है।
वहीं सीओ पिथौरागढ़ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि अस्पताल में युवक द्वारा हंगामा करने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। युवक के नशे में होने की पुष्टि होने के बाद उसके खिलाफ पुलिस एक्ट में कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई अलग तहरीर नहीं दी गई है।







