देहरादून: राजधानी देहरादून के पैनेसिया अस्पताल अग्निकांड मामले में बड़ा एक्शन सामने आया है। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस हादसे में आईसीयू में भर्ती एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, जीएमएस रोड कावली गांव निवासी सन्नी पाल ने नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी 55 वर्षीय माता वीरवती को 19 मई की सुबह चक्कर आने के बाद पहले दून अस्पताल और अन्य अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर पैनेसिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में करीब 10 घंटे के इलाज, जांच और दवाइयों के नाम पर लगभग 50 हजार रुपये वसूले गए।
आग लगने से मची अफरा-तफरी, मरीज की मौत
परिजनों के मुताबिक 20 मई की सुबह उनके बड़े भाई कमल पाल ने फोन पर सूचना दी कि अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई है। कुछ ही देर बाद जानकारी मिली कि उनकी मां आग की चपेट में आ गई हैं। उन्हें तुरंत कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लापरवाही और सिस्टम पर गंभीर सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में आग से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण यह हादसा और गंभीर हो गया, जिससे उनकी मां की जान चली गई।
इसके अलावा परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ एंबुलेंस कर्मी और अस्पताल से जुड़े लोग मरीजों को पैनेसिया अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सक्रिय रहते हैं। उन्होंने पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ हादसा
गौरतलब है कि 20 मई की सुबह करीब 9:30 बजे रिस्पना पुल के पास स्थित पैनेसिया अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है। आग सबसे पहले आईसीयू में फैली, जहां भर्ती महिला इसकी चपेट में आ गई और उनकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।







