टिहरी: कीर्तिनगर विकासखंड के पिपोला क्षेत्र में दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां आग बुझाने के प्रयास में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में लगी आग की चपेट में आने से महिला की मौत हुई है, जबकि वन विभाग ने वनाग्नि से मौत की बात से साफ इनकार किया है।
घास लेने गई थी महिला, अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार, कीर्तिनगर विकासखंड के अकरी पट्टी के पिपोला सैज गांव की अंजू देवी (50 वर्ष), पत्नी जबर सिंह, 20 मई को दोपहर करीब 12:30 बजे नापभूमि क्षेत्र में घास लेने गई थीं।
इसी दौरान अचानक घास वाले क्षेत्र में आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि महिला ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लपटों की चपेट में आ गई और उसके हाथ-पैर बुरी तरह झुलस गए।
शाम तक नहीं मिला पता, सुबह मिला अधजला शव
परिजनों के अनुसार, महिला का बेटा उस समय बाजार गया हुआ था। शाम करीब 5 बजे घर लौटने पर मां के न मिलने पर उसने तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चला।
अगली सुबह ग्रामीणों ने जब जंगल में खोजबीन की तो पिपोला सैज गांव की नापभूमि में महिला का अधजला शव बरामद हुआ। घटना से गांव में सनसनी फैल गई।
ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग पर लापरवाही के आरोप
घटना की सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। इसको लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी है।
पूर्व ग्राम प्रधान पैडूला सुनय कुकशाल ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों में लगातार आग लगने की घटनाओं के बावजूद विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि मृतका अंजू देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में महिला की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग का दावा: वनाग्नि से नहीं हुई मौत
वहीं दूसरी ओर वन विभाग ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है।
दिगंत नायक ने बताया कि घटनास्थल के आसपास 7 से 8 किलोमीटर के दायरे में वनाग्नि की कोई घटना रिकॉर्ड नहीं की गई है। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ है कि घास में किसी अज्ञात कारण से आग लगने के कारण यह हादसा हुआ।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।







