रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिला विकास प्राधिकरण ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रुद्रपुर के भूरारानी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। बिना स्वीकृति और नियमों के विपरीत विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। करीब सात एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही इस कॉलोनी में किए गए निर्माण कार्यों को जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।
उधम सिंह नगर जिला विकास प्राधिकरण द्वारा जिले में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने भूरारानी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाते हुए अवैध कॉलोनी के निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि संबंधित कॉलोनाइजरों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने, नक्शे स्वीकृत कराने और नियमानुसार विकास कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके कॉलोनाइजरों ने नियमों का पालन नहीं किया और बिना अनुमति के कॉलोनी विकसित करने का कार्य जारी रखा। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण को रोकना ही नहीं, बल्कि आम जनता के हितों की रक्षा करना भी है। कई बार लोग बिना पर्याप्त जानकारी और जांच-पड़ताल के प्लॉट खरीद लेते हैं, जिसके बाद उन्हें कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है।
पंकज उपाध्याय ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आवासीय भूखंड या प्लॉट को खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित कॉलोनी रेरा (RERA) से अनुमोदित है और उसका नक्शा जिला विकास प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि भूमि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए उसे चिन्हित किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आवासीय भूमि पर ही आवासीय निर्माण किया जाए और कृषि अथवा अन्य श्रेणी की भूमि खरीदते समय उसकी कानूनी स्थिति एवं उपयोगिता की पूरी जानकारी प्राप्त कर ली जाए। इसके साथ ही कॉलोनाइजरों और डेवलपर्स को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक अनुमतियां समय पर प्राप्त करना, नक्शा स्वीकृत कराना, रेरा पंजीकरण करवाना तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करना अनिवार्य है।
प्राधिकरण ने उन कॉलोनाइजरों को भी निर्देश दिए हैं, जिन्हें पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं, कि वे जल्द से जल्द अपने दस्तावेज और स्वीकृत नक्शे जिला विकास प्राधिकरण में प्रस्तुत करें। निर्धारित समयावधि के भीतर नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला विकास प्राधिकरण का कहना है कि जिले में सुनियोजित और नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भू-उपयोग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।







