हरिद्वार: “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय”—यह कहावत हरिद्वार में उस समय चरितार्थ होती दिखाई दी, जब एक बुजुर्ग महिला संतुलन बिगड़ने के कारण गंगनहर के तेज बहाव में जा गिरी और करीब एक किलोमीटर तक पानी में बहती रही। सौभाग्य से एक जागरूक युवक की नजर महिला पर पड़ गई, जिसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग युवक तथा पुलिस टीम की सराहना कर रहे हैं।
गंगनहर में बहती महिला को देखकर चौंका युवक
घटना शुक्रवार की है। जटवाड़ा पुल के पास मौजूद अंकित चौधरी की नजर गंगनहर में बह रही एक महिला पर पड़ी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद पानी में कोई शव बह रहा है, लेकिन ध्यान से देखने पर महिला के शरीर में हलचल दिखाई दी। महिला के जीवित होने का एहसास होते ही अंकित ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रेगुलेटर पुल के पास महिला की ओर रस्सी फेंकी गई, जिसे उन्होंने मजबूती से पकड़ लिया। तेज बहाव के बीच महिला को रस्सी के सहारे टिके देख मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
कुछ स्थानीय युवक भी मदद के लिए आगे आए। दूसरी रस्सी के सहारे वे गंगनहर में उतरे और काफी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि महिला पूरे समय होश में थीं और उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
गंगा घाट पर बिगड़ा था संतुलन
जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला कनखल क्षेत्र की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि गंगा घाट पर उनका संतुलन बिगड़ गया था, जिसके बाद वह तेज बहाव में बहने लगीं। समय रहते सूचना मिलने और रेस्क्यू टीम की तत्परता के कारण उनकी जान बच सकी।
महिला के परिजनों ने अंकित चौधरी और हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया। ज्वालापुर क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
“वक्त रहते महिला के बहने की सूचना मिल गई थी। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।”
— संजय चौहान, सीओ ज्वालापुर
हिम्मत और सूझबूझ ने बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने गंगनहर में गिरने के बाद घबराने के बजाय खुद को शांत रखा। यही उनकी जान बचने की सबसे बड़ी वजह बनी। पानी के बहाव में उन्होंने खुद को संतुलित रखने का प्रयास किया और सतह पर बनी रहीं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आपात स्थिति में घबराहट कम करना और स्वयं को नियंत्रित रखना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
यह घटना न केवल पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि समय पर दी गई एक सूचना किसी की जान बचा सकती है। अंकित चौधरी की जागरूकता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित हादसे को सुखद अंत में बदल दिया।







