नैनीताल: भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यूनिवर्सिटी परिसर में सफाई कार्य के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान ओखलकांडा निवासी तेज सिंह बोरा के रूप में हुई है। घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तेज सिंह बोरा को शनिवार सुबह यूनिवर्सिटी भवन की छत पर सफाई कार्य के लिए भेजा गया था। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई बारिश के कारण छत गीली थी। आरोप है कि कर्मचारी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना ही कार्य पर लगा दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सफाई के दौरान तेज सिंह बोरा का संपर्क भवन के समीप से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन से हो गया। गीली सतह होने के कारण करंट का प्रभाव और अधिक गंभीर हो गया, जिससे उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल तथा घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। परिजनों का आरोप है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और कर्मचारी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए होते तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने भी घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी कर्मचारी को हाईटेंशन लाइन के समीप कार्य कराने से पहले सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठाई है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। भीमताल के क्षेत्राधिकारी (सीओ) रविकांत सेमवाल ने बताया कि अस्पताल की ओर से मेमो प्राप्त होने के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि कर्मचारी को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस, विद्युत विभाग और संबंधित प्रशासनिक विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जा रही है। वहीं तेज सिंह बोरा की असमय मौत से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
यह हादसा एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संस्थानों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसी परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।







