टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तोताघाटी के समीप चारधाम यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में कुछ यात्रियों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। राहत की बात यह रही कि बस गहरी खाई में नहीं गिरी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार 7 जून की सुबह लगभग 8:30 बजे जिला नियंत्रण कक्ष (डीसीआर) टिहरी के माध्यम से सूचना मिली कि तोताघाटी के पास एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई है। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में पोस्ट ढालवाला और ब्यासी से एसडीआरएफ की टीमें आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि बदरीनाथ धाम से ऋषिकेश की ओर आ रही चारधाम यात्रा बस संख्या UK04 PA 0418 सड़क पर पलटी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क पर ही पलट गई। हादसे के समय बस में कुल 39 यात्री सवार थे, जो चारधाम यात्रा से लौट रहे थे।
दुर्घटना के बाद एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया। हादसे में 3 से 4 यात्रियों को सामान्य चोटें आईं, जिन्हें 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उपचार के लिए ऋषिकेश अस्पताल भेजा गया। अन्य सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन एवं अन्य आपातकालीन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया और आवश्यक सहायता प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा यात्रियों एवं वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है, जबकि बस की तकनीकी स्थिति का भी परीक्षण कराया जाएगा।
गनीमत रही कि दुर्घटना के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। समय पर पहुंचे राहत एवं बचाव दलों की तत्परता के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।







