देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत रविवार से प्रदेशभर में गणना फार्म वितरण का कार्य शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी पात्र मतदाताओं तक गणना फार्म पहुंचाए जाएंगे और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश के सभी 11,733 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को गणना फार्म पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। आगामी एक माह के दौरान 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराएंगे और प्राप्त फार्मों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज भी करेंगे।
उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से इस अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई मतदाता नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से दिन में घर पर उपलब्ध नहीं रहता है तो वह “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा का लाभ उठा सकता है। इसके लिए मतदाता वोटर सर्विस पोर्टल या ईसीआई-नेट मोबाइल एप के माध्यम से अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के बाद दो दिनों के भीतर संबंधित बीएलओ स्वयं मतदाता से संपर्क करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाया जा रहा यह अभियान मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों, जबकि अपात्र और संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान कर सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके।
निर्वाचन विभाग के अनुसार यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान कोई मतदाता घर पर नहीं मिलता है तो संबंधित बीएलओ उसके घर पर तीन बार तक विजिट करेगा। प्रत्येक विजिट के दौरान बीएलओ घर पर एक स्टीकर लगाएगा, जिसमें अगली विजिट की तिथि और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करेगा। इससे मतदाता अपनी सुविधा के अनुसार बीएलओ से संपर्क कर गणना फार्म भरवा सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे गणना फार्म के साथ अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी उपलब्ध कराएं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस घर-घर अभियान के दौरान मतदाताओं से किसी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं कराया जाएगा।
निर्वाचन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। वहीं 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक प्राप्त दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके उपरांत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई-नेट एप के माध्यम से अपना गणना फार्म डाउनलोड कर उसे भरकर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई पात्र व्यक्ति पहली बार अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाना चाहता है तो वह अपने बीएलओ से संपर्क कर फार्म-6 भर सकता है। ऐसे सभी आवेदनों पर दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान विचार किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित और अधिक विश्वसनीय बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में सभी पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सुचारु रूप से उपयोग कर सकें।







