देहरादून: नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और एनएसयूआई ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को देहरादून में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड सचिवालय कूच किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाकड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सचिवालय घेराव के लिए निकले। हालांकि पुलिस ने सचिवालय से पहले सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के सामने धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपने स्थान पर डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते हुए पेपर लीक मामलों को लेकर अपना आक्रोश जताते रहे।
प्रदर्शन में छात्रों के समर्थन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत तथा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी शामिल हुए। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं सहित कई नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। उनका कहना था कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि लगातार उठ रहे सवालों के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे लोगों के मन में संदेह और गहरा हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती तथा उचित कार्रवाई नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
एनएसयूआई के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने ऐलान किया कि फिलहाल सचिवालय का घेराव किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के आवास तक भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उधर पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और किसी भी अप्रिय घटना को नहीं होने दिया गया।







