पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाले दो महत्वपूर्ण मार्ग रविवार को लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गए, जिससे यात्रियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि आदि कैलाश यात्रा मार्ग को सोमवार सुबह बहाल कर दिया गया, लेकिन पंचाचूली ग्लेशियर ट्रैक को जोड़ने वाला दूसरा मार्ग सोमवार शाम तक भी नहीं खुल सका।
जानकारी के अनुसार तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय मार्ग पर पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए थे। इस कारण आदि कैलाश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो गई। मार्ग बंद होने के चलते यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि संबंधित विभाग और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमों ने तेजी से राहत कार्य शुरू किया और कुछ ही घंटों के भीतर मार्ग को खोल दिया।
मार्ग बहाल होने के बाद आदि कैलाश यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को आगे रवाना किया गया। हालांकि सड़क बंद रहने के कारण धारचूला से यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को सोमवार को निर्धारित समय से कुछ देरी से रवाना होना पड़ा। बताया गया कि सुबह करीब नौ बजे मार्ग पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया गया।
वहीं दूसरी ओर तवाघाट-सोबला-ढाकर मार्ग रविवार शाम से ही बंद पड़ा हुआ है। इस मार्ग के बाधित होने से पंचाचूली ग्लेशियर ट्रैक पर गए सैकड़ों पर्यटक और ट्रैकर्स प्रभावित हुए हैं। दर और बौगलिंग के बीच लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिससे सड़क खोलने का कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बीआरओ की टीमें लगातार मार्ग बहाली में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रहे पत्थर गिरने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोग और यात्री सड़क खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।
गौरतलब है कि इन दिनों पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं में वृद्धि हो जाती है, जिससे सड़क यातायात बार-बार प्रभावित होता है। विशेष रूप से सीमांत क्षेत्रों में स्थित सड़कें इस मौसम में अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।
प्रशासन का कहना है कि मानसून और बारिश के मौसम को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जहां भी भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोलने के लिए मशीनें और कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने यात्रियों और पर्यटकों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
फिलहाल आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है, जबकि पंचाचूली क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।







