रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कोसी बैराज के समीप नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से दो युवक गहरे पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 जून की दोपहर आशीष रावत, रंजीत, मयंक असवाल और अंकित रावत कोसी बैराज के पास नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान मयंक असवाल (24 वर्ष), निवासी ग्राम धर्मपुर औलिया पीरूमदारा तथा अंकित रावत (24 वर्ष), निवासी हिम्मतपुर ब्लॉक रामनगर, अचानक नदी के गहरे कुंड और तेज बहाव की चपेट में आ गए। दोनों युवकों ने बचाव के लिए शोर मचाया, जिसके बाद उनके साथ मौजूद दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली रामनगर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को नए पुल के पास नदी के भीतर से बाहर निकाला गया और तत्काल सरकारी अस्पताल रामनगर ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों और शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई। पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा दुख और शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से कोसी बैराज क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में लोग नदी में स्नान करने पहुंचते हैं। कई बार लोग प्रतिबंधित और खतरनाक स्थानों पर भी उतर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेडिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था को और सख्त किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की जांच की जा रही है और परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोसी बैराज में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्थाओं और लोगों की सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलाशयों में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें।







