रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। केदारनाथ पैदल मार्ग पर निर्धारित रास्ते को छोड़कर शॉर्टकट से नीचे उतरना दो युवकों को भारी पड़ गया। पैर फिसलने से दोनों गहरी खाई में जा गिरे। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और कई एजेंसियों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार अपराह्न करीब 1:23 बजे जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर पोल संख्या 337 से 340 के मध्य दो युवक खाई में गिर गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और सेक्टर अधिकारी बड़ी लिनचोली, एसडीआरएफ, वाईएमएफ, पुलिस तथा आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना स्थल अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में स्थित था, जिसके कारण रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा। बावजूद इसके एसडीआरएफ के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में साहस और तत्परता का परिचय देते हुए बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने एक घायल युवक को सुरक्षित खाई से बाहर निकालकर एमआरपी छोटी लिनचोली पहुंचाया।
चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान पता चला कि घायल युवक के पैर में गंभीर फ्रैक्चर है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कंडी के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
वहीं दूसरे युवक को वाईएमएफ और आपदा मित्रों की टीम ने खाई से बाहर निकालकर एमआरपी भीमबली पहुंचाया। दुर्भाग्यवश चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को आवश्यक प्रक्रिया के लिए गौरीकुंड लाया जा रहा है, जहां से पोस्टमार्टम एवं अन्य कानूनी कार्रवाई हेतु जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा जाएगा।
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान मोहित पुत्र ओमवीर (27 वर्ष), निवासी गोकुलपुरी, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के रूप में हुई है। जबकि हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान प्रियांशु शुक्ला पुत्र नरेंद्र शुक्ला (27 वर्ष), निवासी फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों युवक केदारनाथ यात्रा पर आए हुए थे।
यह हादसा एक बार फिर यात्रियों के लिए बड़ी सीख बनकर सामने आया है। प्रशासन लगातार तीर्थयात्रियों से निर्धारित एवं सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील करता रहा है, लेकिन कई लोग समय बचाने या जल्दी पहुंचने की कोशिश में शॉर्टकट रास्तों का सहारा ले लेते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे रास्ते बेहद जोखिम भरे होते हैं और थोड़ी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुई इस हृदयविदारक घटना से मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर है। प्रशासन ने एक बार फिर सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, चिन्हित एवं सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें तथा किसी भी परिस्थिति में शॉर्टकट रास्तों का सहारा न लें।
प्राकृतिक चुनौतियों से भरे हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन जाती है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुआ यह हादसा इसी कड़वी सच्चाई की याद दिलाता है।







