हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में एक फिल्म की शूटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शहर के एक भवन में चल रही फिल्म शूटिंग के दौरान बाहर लगाए गए ‘बार एंड रेस्टोरेंट’ के बोर्ड को लेकर स्थानीय लोगों, व्यापारियों और समाजसेवियों ने कड़ा विरोध जताया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद धर्मशाला संचालकों और फिल्म यूनिट को आनन-फानन में बोर्ड से ‘बार’ शब्द हटाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हो सका।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के एक भवन में किसी फिल्म की शूटिंग की जा रही थी। शूटिंग के एक दृश्य को फिल्माने के लिए भवन के बाहर ‘बार एंड रेस्टोरेंट’ का बोर्ड लगाया गया था। जैसे ही स्थानीय लोगों की नजर इस बोर्ड पर पड़ी, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में स्थानीय व्यापारी, पार्षद, समाजसेवी और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और फिल्म निर्माताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों की बिल्डिंग मालिकों और मुंबई से आई फिल्म यूनिट के सदस्यों के साथ तीखी बहस भी हुई। लोगों का कहना था कि हरिद्वार एक धार्मिक और पवित्र नगरी है, जहां मांस और मदिरा पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। ऐसे में फिल्म के नाम पर बार का बोर्ड लगाना शहर की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान के खिलाफ है।
मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कशिश भाटिया ने कहा कि शाम के समय उन्हें जानकारी मिली कि होटल के बाहर ‘बार एंड रेस्टोरेंट’ का बोर्ड लगाया गया है। उन्होंने इसे हरिद्वार की धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत बताया। उनका कहना था कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां इस प्रकार का बोर्ड लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों के विरोध के बाद बोर्ड पर लिखे ‘बार’ शब्द को हटाया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
वहीं समाजसेवी करण पंडित ने भी घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्रवण नाथ नगर क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर मां गंगा प्रवाहित होती हैं और गंगा तट के निकट इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर आते हैं और आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे ऐसा करने वाला व्यक्ति बॉलीवुड से हो या हॉलीवुड से, सभी को तीर्थनगरी की मर्यादाओं का सम्मान करना होगा।
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने आरोप लगाया कि हरिद्वार की पवित्र छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ही ‘बार एंड रेस्टोरेंट’ का बोर्ड लगाया गया था। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने लोगों को सूचना दी और बड़ी संख्या में लोगों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया। विरोध के दबाव में तत्काल बोर्ड को हटाना पड़ा।
उज्जवल पंडित ने कहा कि धर्मनगरी की मर्यादा और गौरव की रक्षा के लिए हरिद्वारवासियों का एकजुट होकर आवाज उठाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति या संस्था हरिद्वार की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगी तो उसका विरोध किया जाएगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस फिल्म की शूटिंग की जा रही थी। फिल्म यूनिट के सदस्यों ने परमिशन होने की बात जरूर कही, लेकिन फिल्म का नाम या अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों पर फिल्मांकन के दौरान स्थानीय परंपराओं और भावनाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए सभी को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।







