रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड में हुई मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के चलते कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जबकि संपर्क मार्ग बाधित होने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, जखोली विकासखंड की ग्राम सभा खलियाण स्थित राम मंदिर के पास बहने वाला खुदगर गदेरा अचानक उफान पर आ गया। देखते ही देखते गदेरे का जलस्तर इतना बढ़ गया कि आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बोल्डर लेकर आया, जिससे कई स्थानों पर नुकसान हुआ।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि अत्यधिक वर्षा के कारण खुदगर गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। गदेरे के तेज बहाव की चपेट में आने से पुजार गांव से जंगल की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर बनी दो से तीन पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलियाओं के टूटने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है और लोगों को दैनिक कार्यों के लिए आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं पुजारगांव–सिरवाड़ी मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। सड़क बंद होने के कारण क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं तथा मार्ग को सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार राहत की बात यह है कि अब तक इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि बारिश से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का निरीक्षण कर रही हैं तथा नुकसान का आंकलन तैयार किया जा रहा है।
लगातार बदलते मौसम और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को गदेरों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपदा संबंधी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण उत्पन्न होने वाले खतरे हर वर्ष लोगों के लिए चुनौती बनते हैं। जखोली क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ों में मौसम का मिजाज कब बदल जाए, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही किसी भी संभावित हादसे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यदि मौसम का असर और बढ़ता है तो आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधनों और राहत टीमों को भी तैनात किया जाएगा।







