हरिद्वार: चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और गर्मियों की छुट्टियों के चलते धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसी बीच ई-रिक्शा चालकों द्वारा तय किराए से कई गुना अधिक किराया वसूलने और वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ निखिल शर्मा स्वयं आम यात्री बनकर सड़कों पर उतर गए और ई-रिक्शाओं की हकीकत जानने के लिए औचक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान एआरटीओ निखिल शर्मा ने बिना अपनी पहचान बताए विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं में सफर किया। इस दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने परिवहन विभाग और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। कई ई-रिक्शा चालक न केवल यात्रियों से निर्धारित किराए से कई गुना अधिक राशि वसूल रहे थे, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठा रहे थे।
पहले मामले में एआरटीओ ने ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक एक ई-रिक्शा में दो यात्रियों के साथ सफर किया। इस दूरी के लिए सामान्य रूप से करीब 20 रुपये किराया लिया जाना चाहिए था, लेकिन चालक ने 50 रुपये की मांग की और यात्रियों से वही राशि वसूल की। निर्धारित किराए से अधिक वसूली को गंभीर उल्लंघन मानते हुए परिवहन विभाग ने संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल सीज कर दिया।
इसके बाद एआरटीओ ने शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक दूसरे ई-रिक्शा में यात्रा की। यहां भी चालक की मनमानी सामने आई। जहां इस दूरी का सामान्य किराया लगभग 30 रुपये होना चाहिए था, वहीं चालक ने 150 रुपये की मांग की। चारधाम यात्रियों और आम जनता के आर्थिक शोषण के इस मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने दूसरे ई-रिक्शा को भी तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।
तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान ई-रिक्शा चालक ने निर्धारित किराए से अधिक वसूली करने के साथ-साथ वाहन में तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रखी थीं। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और ओवरलोडिंग करने के कारण विभाग ने इस वाहन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया।
एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ई-रिक्शा चालक सभी यात्रियों से मिलाकर अधिकतम 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया वसूल सकते हैं। इसके बावजूद कुछ चालक श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे कई गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों के आर्थिक शोषण का भी मामला है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी वाहन चालक को यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने, ओवरलोडिंग करने या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग द्वारा कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निखिल शर्मा ने यह भी बताया कि जनपद के सभी परिवहन और प्रवर्तन अधिकारियों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है। इसके तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण और गुप्त जांच अभियान चलाए जाएंगे। ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और यात्रियों के आर्थिक शोषण के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के बाद ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था और यात्रियों के साथ आर्थिक शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि कोई चालक निर्धारित किराए से अधिक राशि मांगता है या वाहन में ओवरलोडिंग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का यह अभियान यात्रियों को राहत देने और परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







