पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में एक बेहद संवेदनशील और मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्कोट क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके बाद गर्भपात के मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज करते हुए अस्कोट से लगभग 35 किलोमीटर दूर एक जंगल से भ्रूण के अवशेष बरामद कर लिए हैं।
शिक्षक पर लगा घिनौना आरोप
मामला कनालीछीना विकासखंड के एक सरकारी हाईस्कूल का है, जहाँ 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने उसी स्कूल में तैनात एक शिक्षक पर शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि शिक्षक के कुकृत्य के कारण छात्रा छह माह की गर्भवती हो गई थी। इसके बाद, साक्ष्यों को मिटाने की नीयत से शिक्षक ने छात्रा को गर्भपात की दवा खिला दी और बाद में भ्रूण को दूर जंगल में ठिकाने लगा दिया।
कैसे खुला मामला?
गर्भपात के करीब 20 दिन बाद, छात्रा को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लिडिंग) शुरू हुआ, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बदनामी के डर से परिजन पहले मामले को छुपाते रहे, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर वे उसे पीएचसी कनालीछीना ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा की गई जांच में छात्रा के शारीरिक शोषण और गर्भपात का खुलासा हुआ। पीड़ित परिवार की तहरीर पर अस्कोट थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
40 पुलिसकर्मियों और डॉग स्क्वॉड की मदद से चला सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ डीडीहाट उमेश मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसएसबी का डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स शामिल थे। लगभग 40 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने जंगल के दुर्गम इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया और अंततः भ्रूण के अवशेष बरामद करने में सफलता प्राप्त की। फॉरेंसिक टीम ने इन अवशेषों को सील कर कब्जे में ले लिया है।
पुलिस जांच का दायरा बढ़ा: दवा और डॉक्टर की भूमिका पर सवाल
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़, अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि बरामद भ्रूण के अवशेष जांच में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं और इसकी शीघ्र डीएनए जांच करवाई जाएगी। अब जांच के नए आयाम जुड़ गए हैं:
- दवा का स्रोत: पिथौरागढ़ में गर्भपात की दवाइयां प्रतिबंधित हैं, फिर शिक्षक ने ये दवाएं कहाँ से खरीदीं?
- प्रक्रिया और संलिप्तता: छह माह की गर्भवती किशोरी का गर्भपात कहाँ और कैसे किया गया? क्या इसमें किसी डॉक्टर या अवैध क्लिनिक की भूमिका है? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
शिक्षक के मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन से कुछ अन्य स्कूली छात्राओं के अश्लील फोटो और वीडियो भी मिले हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी शिक्षक का इतिहास संदिग्ध हो सकता है। गौरतलब है कि यह शिक्षक इससे पहले गढ़वाल मंडल के भी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे चुका है।
यह मामला पूरे शिक्षा विभाग और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस अब इस मामले को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अत्यंत सशक्त तरीके से आगे बढ़ा रही है ताकि दोषी को कठोरतम सजा दिलाई जा सके।







