पौड़ी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को पौड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास को नई गति देने वाली लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत की 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि पौड़ी प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन संभावनाओं की दृष्टि से उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। राज्य सरकार पौड़ी को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि आज पौड़ी को जिला विज्ञान संग्रहालय के रूप में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की दिशा में यह संग्रहालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा युवा पीढ़ी को विज्ञान के प्रति प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कंडोलिया देवता को नमन करते हुए कहा कि कंडोलिया महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है। उन्होंने कहा कि पौड़ी की पवित्र और शांत धरती पर आकर उन्हें हमेशा आत्मीयता, सकारात्मक ऊर्जा और अपनत्व का अनुभव होता है।
उन्होंने लोगों से नवस्थापित विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण करने की अपील करते हुए कहा कि यह केंद्र बच्चों और युवाओं में विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करेगा तथा भावी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज जनपद के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है। लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, पर्यटन, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और लाखों श्रद्धालु देवभूमि पहुंचकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास की रोशनी पहाड़ के अंतिम गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालय”, “एक जनपद-दो उत्पाद योजना”, “मिलेट मिशन”, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में “न कोई पर्ची, न कोई खर्ची” का सिद्धांत पूरी मजबूती से लागू किया गया है, जिससे योग्य और मेहनती युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपदवासियों को कंडोलिया महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है और आने वाले वर्षों में पौड़ी समेत पूरे उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।







