देहरादून: सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या और उसके बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने सोमवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। वहीं, लगातार समझाइश के बाद मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
पानी के विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष
गौरतलब है कि 13 जून की देर शाम खेतों की सिंचाई के लिए पानी लेने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि पड़ोसी पक्ष के लोग हथौड़े, लाठी-डंडे और बेलचे लेकर भाजपा नेता विनोद कश्यप के घर में घुस गए और परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में विनोद कश्यप की मौत हो गई, जबकि उनके भाई अशोक, राजेश और भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए। विनोद कश्यप एक निजी विद्यालय में शिक्षक होने के साथ-साथ क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता और स्थानीय राजनीतिक पहचान रखने वाले व्यक्ति थे।
पांच आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
घटना के बाद सहसपुर कोतवाली पुलिस ने 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी मासूम के दो बेटों रज्जाक और जावेद सहित सलमान और शहबाज को गिरफ्तार किया था।
सोमवार को पुलिस ने मामले में एक और आरोपी इम्तियाज निवासी लखनवाला, सहसपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
परिजनों के विरोध के बाद हुआ पोस्टमार्टम
हत्या के बाद मृतक के परिजनों ने प्रशासन और पुलिस के प्रति नाराजगी जताते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे, जिसके चलते पोस्टमार्टम की प्रक्रिया नहीं हो सकी।
सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से कई दौर की बातचीत की। समझाने-बुझाने के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुआ और पुलिस की निगरानी में शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया।
देहरादून एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि परिजनों की सहमति के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
तीसरे दिन भी गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
विनोद कश्यप की हत्या के बाद बैरागीवाला गांव में तीसरे दिन भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। गांव की गलियां सुनसान दिखाई दीं और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस एवं पैरामिलिट्री फोर्स के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे।
रविवार को हुई आगजनी, पथराव, बुलडोजर कार्रवाई और हाईवे जाम के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पीड़ित परिवार की मांगें बरकरार
मृतक विनोद कश्यप के परिजन अब भी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने डटे हुए हैं। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मृतक की पत्नी ने भावुक होकर कहा कि अब उनके बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है और पिछले तीन दिनों से परिवार गहरे सदमे में है। उन्होंने सरकार से न्याय और सहायता की मांग की।
वहीं, मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, इसलिए परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पथराव और आगजनी करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। स्थिति नियंत्रण में करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया था।
पुलिस अब पथराव, आगजनी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा चकराता रोड पर जाम लगाने वाले प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
विधायक ने दिया सहायता का भरोसा
सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी संबंधी मांगों पर मुख्यमंत्री से चर्चा कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







